Self Awakening Mission (SAM) के तत्वावधान में 25 अक्टूबर 2026 को मुंबई स्थित गोल्ड फिंच होटल में “Kundalini Jagran एवं Smiling Yogi” थीम पर एक दिवसीय ध्यान एवं आत्म-जागरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। संस्था के संस्थापक, Life Coach एवं Spiritual Guide श्री संजीव मलिक जी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य ध्यान एवं आध्यात्मिक साधना के माध्यम से आत्म-जागरूकता विकसित करना तथा लोगों को तनावमुक्त, संतुलित और आनंदपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।
कुंडलिनी जागरण: अंतर्मन से जुड़ने की आध्यात्मिक यात्रा
श्री परमहंस सतगुरु जी की असीम कृपा से आयोजित इस कार्यक्रम में श्री संजीव मलिक जी ने कुंडलिनी जागरण की अवधारणा, ध्यान के महत्व और आत्म-जागरण की प्रक्रिया पर प्रेरणादायी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि आध्यात्मिक साधना व्यक्ति को अपने अंतर्मन से जुड़ने, अपनी चेतना के प्रति जागरूक होने तथा जीवन को अधिक सकारात्मक एवं संतुलित दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देती है।
कार्यक्रम में कुंडलिनी एक्टिवेशन एवं ध्यान सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को आध्यात्मिक अनुभवों और आत्म-अन्वेषण की दिशा में प्रेरित किया गया। उन्होंने साधना को केवल किसी विशेष समय तक सीमित रखने के बजाय दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर बल दिया।
श्री संजीव मलिक जी ने समझाया कि वास्तविक आध्यात्मिक उन्नति का उद्देश्य संसार से विमुख होना नहीं, बल्कि परिवार, कार्यक्षेत्र, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्तरदायित्वों के साथ संतुलन स्थापित करते हुए जीवन को सजगता, प्रसन्नता और समर्पण के साथ जीना है।

“Smiling Yogi”: मुस्कान, कृतज्ञता और समर्पण का जीवन-दर्शन
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण “Smiling Yogi” की जीवन-दृष्टि रही। इसके माध्यम से श्री संजीव मलिक जी ने बताया कि आध्यात्मिकता का वास्तविक स्वरूप जीवन की परिस्थितियों को सहजता से स्वीकार करने, कठिन समय में भी सकारात्मक बने रहने और प्रत्येक परिस्थिति में सीखने की भावना विकसित करने में निहित है।
उन्होंने Smile, Shukrana और Samarpan के तीन सूत्रों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
- Smile (मुस्कान): जीवन की परिस्थितियों के बीच भी प्रसन्नता, सहजता और सकारात्मकता बनाए रखना।
- Shukrana (कृतज्ञता): जीवन में प्राप्त प्रत्येक कृपा, अवसर और अनुभव के प्रति धन्यवाद का भाव रखना।
- Samarpan (समर्पण): प्रत्येक कर्म एवं उत्तरदायित्व को परमात्मा के प्रति श्रद्धा और समर्पण के भाव से निभाना।
इन तीन सूत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रेरित किया गया कि वे ध्यान और आध्यात्मिक साधना से प्राप्त शांति को अपने व्यवहार, पारिवारिक जीवन और सामाजिक संबंधों में भी अभिव्यक्त करें। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने इन सूत्रों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
सकारात्मक आत्म-संवाद एवं सामूहिक ध्यान
कार्यक्रम में आत्म-संवाद पर विशेष सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों को सकारात्मक विचारों एवं वाक्यों के माध्यम से अपने मानसिक दृष्टिकोण को बेहतर बनाने की विधि समझाई गई। “मैं स्वस्थ हूँ”, “मेरा मन शांत और सशक्त है” तथा “मैं आत्मविश्वास से भरपूर हूँ” जैसे सकारात्मक वाक्यों के अभ्यास द्वारा स्वयं के प्रति विश्वास, मानसिक स्थिरता और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के समापन सत्र में सामूहिक ध्यान कराया गया। प्रतिभागियों ने ध्यान के अनुभव को शांति प्रदान करने वाला, गहन एवं ऊर्जावान बताया। संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिकता, सकारात्मकता और आनंद से परिपूर्ण रहा।

अतिथियों एवं स्वयंसेवकों का सम्मान
इस अवसर पर विशेष अतिथियों के रूप में उपस्थित नेहा मिश्रा जी, दर्शना जी एवं सुकेतु जी को उनके निरंतर सहयोग और समर्थन के लिए सम्मानित किया गया। Self Awakening Mission ने उनके योगदान के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली संस्था की समर्पित स्वयंसेविकाओं मैथिली जी, सुचेता जी, रीता जी, रंजुला जी एवं रेखा जी के योगदान की भी सराहना की गई। साथ ही, आयोजन में सहयोग प्रदान करने के लिए गोल्ड फिंच होटल के प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
सेवा, आत्म-जागरण और सामाजिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध SAM
Self Awakening Mission एक सेवाभावी गैर-सरकारी संस्था है, जो समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन तथा आध्यात्मिक जागरूकता के क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रही है। संस्था भोजन, वस्त्र, औषधि, शिक्षा-सामग्री और विभिन्न सामाजिक सहायता गतिविधियों के माध्यम से देश-विदेश में सेवा कार्यों को आगे बढ़ा रही है।
संस्था का उद्देश्य आध्यात्मिक जागरूकता को सामाजिक सेवा और मानवीय मूल्यों से जोड़ते हुए ऐसा समाज विकसित करना है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति आत्मविश्वास, करुणा, संतुलन और आनंद के साथ जीवन जी सके।
आध्यात्मिकता और आनंदपूर्ण जीवन का संदेश

मुंबई में आयोजित यह कार्यक्रम कुंडलिनी जागरण, ध्यान एवं “Smiling Yogi” की अवधारणा को एक साथ प्रस्तुत करने वाला प्रेरणादायी आयोजन रहा। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि आत्म-जागरण की यात्रा स्वयं को समझने, अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाने और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में संतुलन स्थापित करने की यात्रा है।
Self Awakening Mission का विश्वास है कि जब आध्यात्मिक साधना के साथ मुस्कान, कृतज्ञता और समर्पण का भाव जुड़ता है, तब व्यक्ति न केवल अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है, बल्कि परिवार और समाज में भी प्रेम, शांति एवं सद्भाव के प्रसार में योगदान दे सकता है।
श्री परमहंस सतगुरु जी की असीम कृपा से कुंडलिनी जागरण एवं “Smiling Yogi” का यह संदेश जन-जन तक पहुँचे और मानव जीवन प्रेम, चेतना, करुणा, शांति एवं आनंद से परिपूर्ण हो।
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