प्रॉपर्टी खरीदने की जब बात आती है तो किस तरह की प्रॉपर्टी खरीदी जाए, ये तय करना होता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी और लीजहोल्ड प्रॉपर्टी क्या होती है। इससे अपनी जरूरत और सुविधा के हिसाब से फैसला करना आसान हो जाता है।
अपनी गाढ़ी कमाई से जब आप प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे होते हैं तो सबसे पहला सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी लें या लीजहोल्ड। आप अक्सर इन दोनों टर्म के नाम जरूर सुनते हैं। लेकिन इन दोनों तरह की प्रॉपर्टी में क्या फर्क है, यह जानते हैं आप? कई बार लोग अधूरी जानकारी के फैसला कर लेते हैं और बाद में कई बार कानूनी और वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ जाता है। ऐसे में फ्रीहोल्ड और लीजहोल्ड संपत्ति से जुड़ी अहम जानकारियां अगर आप पहले ही हासिल कर लें तो फैसला लेना आपके लिए आसान हो जाएगा। अगली बार जब आप प्रॉपर्टी खरीदने जाएं, तो एक स्मार्ट और सोच-समझकर लिया गया फैसला करें।

फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी किसको कहते हैं?
magicbricks के मुताबिक, फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी उन प्रॉपर्टी को कहते हैं जो किसी भी तरह के होल्ड से मुक्त होती है। यानी कोई भी व्यक्ति या एसोसिएशन जो बिल्डिंग का मालिक होता है, वह उस जमीन का भी मालिक होता है जिस पर वह बनी है। उस ओनर के पास प्रॉपर्टी का पूर्ण स्वामित्व होता है। जब आप फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी खरीदते हैं, तो आप इसके साथ अपनी मर्जी से अतिरिक्त कमरे या मंजिल बना सकते हैं।
लीजहोल्ड प्रॉपर्टी क्या है?
लीजहोल्ड प्रॉपर्टी एक ऐसी प्रॉपर्टीज होती हैं जो आपकी नहीं होती हैं, बल्कि लीज पर होती हैं। लीज अवधि एक साल से लेकर 99 साल तक हो सकती है। इसे ऐसे समझें कि आप लीज अवधि के दौरान बिल्डिंग का इस्तेमाल तो कर सकते हैं, लेकिन आप जमीन पर अधिकार का दावा नहीं कर सकते। बिल्डिंग में कोई बदलाव करना हो, तो आपको असली मालिक से संपर्क करना पड़ सकता है। लीजहोल्ड प्रॉपर्टी को लेकर आपकी जिम्मेदारियां सीमित होती हैं।
दोनों में क्या अंतर है?
- ओनरशिप के मामले में अंतर देखें तो फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी पर पूर्ण स्वामित्व होता है। फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी के पास 100% अधिकार होते हैं, जबकि लीजहोल्ड प्रॉपर्टी में लीजहोल्डर को लीज की अवधि तक ही प्रॉपर्टी का इ्स्तेमाल करने का अधिकार होता है, वह ओनरशिप का क्लेम नहीं कर सकता।
- ओनरशिप की अवधि को देखें तो फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी का मालिक हमेशा के लिए या उसके बिक जाने तक स्वामी बना रहेगा, जबकि लीजहोल्ड प्रॉपर्टी में लीजहोल्डर लीज की अवधि तक ही प्रॉपर्टी का इस्तेमाल कर सकता है।
- बैंक फाइनेंस को लेकर तुलना करें तो फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी के मामले में बैंक उन लोगों को फाइनेंस करते हैं जो फ्रीहोल्ड संपत्तियां खरीदना चाहते हैं, जबकि लीजहोल्ड प्रॉपर्टी में बैंक आमतौर पर लीज पर फाइनेंस तभी करते हैं जब लीज अवधि 30 साल से ज्यादा हो।

- मेंटेनेंस और नुकसान की लागत के मामले में भी अंतर है। फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी के मेंटेनेंस और किसी भी तरह के नुकसान के लिए ओनर जिम्मेदार है, जबकि लीजहोल्ड के मामले में मेंटेनेंस और किसी भी तरह के नुकसान के लिए जिम्मेदार उसका वास्तविक मालिक यानी लीजर है।
- प्रॉपर्टी के इस्तेमाल के मामले में भी अंतर है। फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी में किसी को इनवाइट करने, पालतू जानवर रखने या उसे किराये पर लगाने को लेकर कोई मनाही नहीं है, जबकि लीजहोल्ड प्रॉपर्टी के मामले में उसका वास्तविक ओनर कुछ खास पाबंदियां लगा सकता है और उसका पालन करना जरूरी भी है।
क्या है बेहतर
फ्रीहोल्ड और लीजहोल्ड प्रॉपर्टी में से कौन ज्यादा बेहतर है, यह पूरी तरह से कहना मुश्किल है। हर किसी के अपने फायदे और नुकसान हैं। फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी अपेक्षाकृत कम लिमिट के साथ पूर्ण स्वामित्व अधिकार प्रदान करती हैं। ऐसे में लंबी अवधि के निवेश और व्यक्तिगत उपयोग के लिए यह ज्यादा उपयुक्त हैं। लीजहोल्ड प्रॉपर्टी अपेक्षाकृत सस्ती होती हैं, लेकिन इसमें अतिरिक्त प्रतिबंध और जिम्मेदारियां होती हैं। आप घर खरीद रहे हों या कॉमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश, इसका फैसला अपनी बेहतरी और फायदे को देखते हुए करना चाहिए।

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