बीजेपी नेता रविंद्र चव्हाण ने विलासराव देशमुख पर दिए विवादित बयान पर सफाई दी है। रितेश देशमुख की प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने कहा कि उनका इरादा विलासराव देशमुख के अपमान का नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका बयान कांग्रेस और बीजेपी की चुनावी रणनीतियों की तुलना के संदर्भ में था।
महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बारे में की गई अपनी विवादित टिप्पणियों पर सफाई दी है। यह सफाई विलासराव के बेटे और एक्टर रितेश देशमुख की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद आई है। बता दें कि चव्हाण ने सोमवार को लातूर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पार्टी की जीत पर भरोसा जताते हुए यह बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि लातूर में पार्टी कार्यकर्ताओं का जोश देखकर लगता है कि विलासराव देशमुख की यादें इस शहर से मिटा दी जाएंगी। हालांकि, अब चव्हाण ने सफाई दी है कि उनका इरादा विलासराव देशमुख का अपमान करने का नहीं था।

‘मेरा बयान किसी भी तरह से उनके खिलाफ नहीं था’
अपने कार्यालय से जारी एक वीडियो बयान में चव्हाण ने कहा, ‘विलासराव देशमुख एक बहुत बड़े नेता थे, और मेरा बयान किसी भी तरह से उनके खिलाफ नहीं था।’ उन्होंने अपनी बात समझाते हुए कहा कि लातूर में कांग्रेस की चुनावी रणनीति सिर्फ विलासराव देशमुख की विरासत पर केंद्रित थी, जबकि बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विकास कार्यों पर जोर दे रही है। चव्हाण ने अपने मूल बयान को दोहराते हुए कहा, ‘सब लोग हाथ ऊपर करके कहिए भारत माता की जय। सच में आपका जोश देखकर 100 प्रतिशत यह बात साफ है कि इस शहर से विलासराव देशमुख की यादें मिट जाएंगी, इसमें कोई शक नहीं है।’
‘मैं दोनों पार्टियों की रणनीति की तुलना कर रहा था’
चव्हाण ने सफाई देते हुए कहा, ‘जब मैं लातूर पहुंचा, तो मैंने देखा कि कांग्रेस की नगर निगम चुनाव की पूरी मुहिम सिर्फ विलासराव देशमुख और उनकी शख्सियत पर केंद्रित थी। कांग्रेस सिर्फ उनके नाम पर वोट मांग रही थी। दूसरी तरफ, बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के द्वारा महाराष्ट्र में किए गए विकास कार्यों पर वोट मांग रही है। इसलिए मैं दोनों पार्टियों की रणनीति की तुलना कर रहा था, जो शहर को विकास की दृष्टि से आगे ले जा सकती है। इसी वजह से मैंने वह बयान दिया।’

‘भावनाएं आहत हुई हैं, तो मुझे बयान पर अफसोस है’
चव्हाण ने अपने बयान पर अफसोस जताते हुए कहा, ‘जब मैंने अपने अच्छे दोस्त और विलासराव देशमुख के बेटे का बयान देखा, तो मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि अगर मेरे बयान से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं, तो मुझे उस बयान पर अफसोस है। लेकिन मेरा इरादा दिवंगत विलासराव देशमुख जी को बदनाम करने का बिलकुल नहीं था।’ बता दें कि रितेश ने मंगलवार को चव्हाण के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एक भावुक वीडियो में कहा था, ‘मैं हाथ जोड़कर कहता हूं कि लोगों के लिए काम करने वाले व्यक्ति का नाम मन के भीतर अंकित होता है। लिखा हुआ मिटाया जा सकता है लेकिन मन के भीतर गुदा हुआ नहीं। जय महाराष्ट्र।’
2 बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे विलासराव देशमुख
बता दें कि विलासराव देशमुख महाराष्ट्र में कांग्रेस के प्रमुख नेता थे और जनता में काफी लोकप्रिय थे। वह 2 बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे, पहली बार 18 अक्टूबर 1999 से 16 जनवरी 2003 तक, और दूसरी बार 1 नवंबर 2004 से 5 दिसंबर 2008 तक। महाराष्ट्र में BMC और अन्य नगर निगमों के चुनावों की तारीखें करीब आते ही सियासी ल़ड़ाई तेज हो गई है। राज्य में 29 नगर निगम चुनावों का मतदान 15 जनवरी को होगा, जिसमें मुंबई, पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ शामिल हैं। वहीं, वोटों की गिनती 16 जनवरी को होगी।

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